– गौ सम्मान अह्वान अभियान अंतर्गत जिले के सभी तहसील मुख्यालय में निकाली गई गौ सम्मान रैली
– गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने तथा पूरे भारत में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया प्रार्थना पत्र
राजनांदगांव। जिले के सभी तहसील मुख्यालयों में गौ सम्मान अह्वान अभियान अंतर्गत गौ सम्मान रैली निकाली गई तथा तहसील कार्यालय पहुंचकर सक्षम अधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने तथा पूरे भारत में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए प्रार्थना पत्र सौंपा गया। संस्कारधानी राजनांदगांव के गायत्री मंदिर सुभाष द्वार से गौ सम्मान रैली निकाली गई।

रैली में गौमाता की उपयोगिता व महत्ता से संबंधित पाम्पलेट्स बांटे गए।  विभिन्न पोस्टर, बैनर एवं तख्तियों के माध्यम से गौवंश को भारत की धार्मिक, आर्थिक एवं सामाजिक जरूरत को समझाने का प्रयास किया गया। रैली भारत माता चौक, हलवाई लाइन, सिनेमा लाइन, मानव मंदिर चौक, जय स्तंभ चौक एवं महावीर चौक होते हुए तहसील कार्यालय पहुंची। जहां एसडीएम श्री गौतम पाटिल को 2000 से अधिक लोगों के नाम, मोबाईल नंबर एवं हस्ताक्षर के साथ राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपा गया।

गौ सम्मान रैली में गायत्री परिवार, योग वेदान्त सेवा समिति, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ गौ सेवा गतिविधि, पंचगव्य डॉक्टर असोसिएशन, महर्षि वाग्भट्ट गौ संवर्धन एवं अनुसंधान संस्थान, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, अखिल भारतीय पुजारी-पुरोहित संघ, ब्राम्हण समाज, गुप्ता समाज, महेश्वरी समाज, जैन समाज, देवांगन समाज, साहू समाज सहित अन्य समाज के सदस्यों का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। रैली पदयात्रा में बड़ी संख्या में समाज सेवी, वार्ड पार्षद, जनप्रतिनिधि, गणमान्यजन, गौभक्त, गौ सेवक एवं गौ प्रेमी शामिल हुए।


गौ सम्मान अह्वान अभियान के तहत देश भर में 27 अप्रैल को गौ सम्मान दिवस के रूप में मनाया गया और देशभर के 5000 से अधिक तहसील मुख्यालयों में रैली निकालकर भारतीय देशी गौवंश को राष्ट्रीय सम्मान दिलाने तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र सौंपा गया। अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में देशी गौवंश संरक्षण, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, गौ सेवा हेतु केंद्रीय कानून, केंद्रीय गौ सेवा मंत्रालय की स्थापना, गोचर बोर्ड गठन, चारा सुरक्षा नीति, गौ आधारित कृषि को बढ़ावा तथा पंचगव्य उत्पादों के निर्माण एवं विपणन को प्रोत्साहन शामिल है।

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