मां दंतेश्वरी मंदिर में आया लाखों का चढ़ावा, दानपेटी से निकले 19.44 लाख कैश और सैकड़ों अर्जियां
मां दंतेश्वरी मंदिर में आया लाखों का चढ़ावा, दानपेटी से निकले 19.44 लाख कैश और सैकड़ों अर्जियां
दंतेवाड़ा जिले में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी मंदिर की दानपेटी एक बार फिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और विश्वास की साक्षी बनी है. जिला प्रशासन और मंदिर समिति के सदस्यों की मौजूदगी में दानपेटी खोली गई, जिसमें इस बार करीब 19 लाख रुपए कैश और श्रद्धुलओं की मनोकामनाओं की सैकड़ों अर्जिया मिली हैं.
दंतेवाड़ा जिला प्रशासन और मंदिर समिति के सदस्यों की मौजूदगी में खोली गई दंतेश्वरी मंदिर की दानपेटी में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए कुल 19,04,432 रुपए कैश मिले. इसके साथ ही देवी मां के नाम लिखी गईं सैकड़ों अर्जियां भी दानपेटी से निकाली गई, जिनमें भक्तों ने अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक समस्याओं के समाधान की प्रार्थना की है.
मां दंतेश्वरी मंदिर की दानपेटी में श्रद्धाुलओं द्वारा अर्पित चढ़ावे की पूरी गणना पारदर्शिता के साथ प्रशासन की निगरानी में की गई. मंदिर समिति के अनुसार दानपेटी से निकली अर्जियों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मां दंतेश्वरी का दरबार केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि लोगों की उम्मीदों और विश्वासों का सहारा भी है.
दानपेटी में श्रद्धालुओं ने मां के नाम भेजी नौकरी और शादी की अर्जी
मां दंतेश्वरी को भेजे अर्जियों में किसी ने नौकरी लगने, किसी ने जल्दी विवाह, तो किसी ने घर-परिवार में चल रहे विवाद खत्म होने की मन्नत मांगी हैं, तो विद्यार्थियों ने परीक्षा में सफलता और बेहतर भविष्य की कामना की है. कई पत्रों में बीमारी से मुक्ति, आर्थिक संकट दूर होने और संतान सुख जैसी मनोकामनाएं भी दर्ज हैं.
14वीं शताब्दी में काकतीय राजवंश द्वारा स्थापित मां दंतेश्वरी मंदिर बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आस्था का प्रमुख केंद्र है. लोक मान्यता है कि सच्चे मन से मां के दरबार में लगाई गई अर्जी कभी खाली नहीं जाती है. यही कारण है साल दर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है.
साल में तीन से चार बार खोली जाती है मां दंतेश्वरी मंदिर की दानपेटी
उल्लेखनीय है वर्ष में तीन से चार बार दानपेटी खोली जाती है. पिछली बार 14 जुलाई 2025 को दानपेटी खोली गई थी, जिसमें 11,18,194 रुपए का चढ़ावा प्राप्त हुआ था. मंदिर समिति ने बताया कि इस बार पिछली गणना की तुलना में कहीं अधिक दानराशि मिलना श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था को दर्शाता है.
असीम पाल ब्यूरो दंतेवाड़ा
