बजट में युवाओं, छात्रों और किसानों की उपेक्षा विभा साहू हवाई यात्रा में रियायत पूँजीपतियों के लिए, छात्र आज भी ट्रेन-बस किराए से परेशान
बजट में युवाओं, छात्रों और किसानों की उपेक्षा विभा साहू
हवाई यात्रा में रियायत पूँजीपतियों के लिए, छात्र आज भी ट्रेन-बस किराए से परेशान
राजनांदगांव
केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को लेकर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती विभा साहू ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह बजट आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता और खासतौर पर युवाओं, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और देश की बेटियों के लिए निराशाजनक साबित हुआ है।
श्रीमती साहू ने आगे कहा कि सरकार लगातार युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार के सपने दिखा रही है लेकिन बजट में इसके लिए कोई ठोस और प्रभावी प्रावधान नहीं किया गया है। विदेश में पढ़ाई की बात जरूर की गई है लेकिन इसका लाभ केवल वही उठा सकते हैं जो पहले से आर्थिक रूप से सक्षम हैं। आम और मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए इसमें कुछ भी नया नहीं है। उन्होंने हवाई यात्रा में दी गई रियायतों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सुविधा पूँजीपतियों और अमीर वर्ग तक ही सीमित रह गई है। देश का छात्र वर्ग आज भी ट्रेन और बस के महंगे किराए से जूझ रहा है। यदि सरकार वास्तव में शिक्षा को बढ़ावा देना चाहती तो विद्यार्थियों के लिए ट्रेन व बस किराए में छूट को बजट में शामिल किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि किसान, व्यापारी और देश की बेटियों के लिए भी इस बजट में कोई नई और प्रभावी योजना देखने को नहीं मिली। किसानों की आय बढ़ाने, व्यापारियों को राहत देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बजट में कोई ठोस पहल नहीं की गई, जो सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने यह भी कहा कि बजट आम जनता की जरूरतों और जमीनी हकीकत से दूर है। उन्होंने सरकार से मांग की कि भविष्य में बजट बनाते समय युवाओं की शिक्षा-रोजगार, छात्रों की सुविधाओं, किसानों की समस्याओं और महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जाए तभी देश का वास्तविक विकास संभव होगा।
सी एन आई न्यूज़ के लिए संतोष सहारे की रिपोर्ट
