इबादत और बरकत की मुक़द्दस रात ‘शब-ए-कद्र’ कल, अमन-चैन के लिए उठेंगे हजारों हाथ

रायपुर/छत्तीसगढ़ (15 मार्च 2026):- माह-ए-रमज़ान का मुकद्दस महीना अपने अंतिम पड़ाव यानी ‘आख़िरी अशरे’ में है। जामा मस्जिद के अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ मुस्लिम मनिहार वेलफेयर सोसायटी के भूतपूर्व सदर जनाब हाजी रईस अहमद शकील ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि रमज़ान की सबसे बरकत वाली रात ‘शब-ए-कद्र’ को लेकर अकीदतमंदों में भारी उत्साह है।
`पदाधिकारियों ने दी जानकारी`
हाजी रईस अहमद शकील के साथ सोसायटी के वर्तमान सदर जनाब असलम अशरफी, सरपरस्त जनाब हाजी शमीम साहब और सेक्रेटरी जनाब रफ़अत सरोश
(शहजाद मनिहार) ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि 26वें रोज़े के बाद आने वाली 27वीं शब इस बार 16 मार्च, सोमवार (पीर) की रात को है। इस्लाम में इस रात की इबादत को हजार महीनों से भी अफजल (श्रेष्ठ) माना गया है।
इस मुकद्दस रात में मुस्लिम समाज के लोग पूरी रात जागकर नमाज़, कुरान की तिलावत और दुआओं में मशगूल रहेंगे।
`एतिकाफ और इफ्तार का विशेष आयोजन`
*दाधिकारियों ने बताया कि मस्जिदों में 21वीं रात से ‘एतिकाफ’ का सिलसिला शुरू हो चुका है, जहाँ खुदा के नेक बंदे दुनियादारी से दूर होकर मुल्क की खुशहाली के लिए दुआएं कर रहे हैं। वहीं, ‘अलविदा जुमे’ (आखिरी शुक्रवार) को लेकर भी सभी मस्जिदों की कमेटी और अवाम द्वारा विशेष इंतजाम किया गया था। सामूहिक इफ्तार के* *माध्यम से शहर में आपसी भाईचारे और मोहब्बत का संदेश दिया जा रहा है।
`गुनाहों की माफी और मुल्क में अमन की दुआ`
हाजी साहब और सोसायटी के सदस्यों ने उम्मत-ए-मुस्लिम से अपील की है कि इन पाक रातों में अपने गुनाहों की माफी के साथ-साथ हिंदुस्तान में अमन-सुकून कायम रखने के लिए विशेष दुआ करें। उन्होंने कहा कि यह महीना रहमत और मगफिरत का पैगाम लेकर आता है।
`विशेष रिपोर्ट:` यह महत्वपूर्ण सूचना मुस्लिम मनिहार जमात छत्तीसगढ़ के प्रदेश मीडिया प्रभारी मोहम्मद इकबाल हनफी द्वारा प्रेषित की गई है।
