भागवत से होती है मोक्ष की प्राप्ति – पं० आकाश उपाध्याय
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
रायपुर – श्रीमद्रागवत समस्त वेदों और शास्त्रों का सार है। जब अनेकों जन्मों का पुण्योदय होता है तब हमें श्रीमद्रागवत कथा सुनने का अवसर मिलता है। भागवत हमें मरना सिखाती है , भय से मुक्त कराती है और हरि के परम पद को भी प्राप्त कराती है। जिस भागवत महापुराण की कथा सुनने मात्र से ही हमारे सभी पापों का नाश हो जाता है , ऐसे श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा अगाध और अपरम्पार है। उक्त बातें मंगलमय ग्राम कांवरा , जेवरा ( संबलपुर ) में तिवारी परिवार द्वारा आयोजित सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण में कथा व्यास पं. आकाश उपाध्याय (मुंगेली ) ने श्रोताओं को कथाश्रवण कराते हुये कही। इस कथा के परायण कर्ता पं. सत्यम पांडेय है। कथा प्रारंभ होने से पहले पहले सभी भक्तजनों के द्वारा भव्य शोभा यात्रा निकाल कर पूरे ग्राम का भ्रमण कराया गया। तपश्चात वेदी पूजन एवं महाराजश्री के द्वारा भागवत महात्म्य कथा के अंतर्गत गौकर्णोपख्यान की कथा के दौरान धुंधकारी के प्रेतयोनी की प्राप्ति एवं उनके प्रेतयोनी से उद्धार की कथा के बारे में सभी भक्तजनों को श्रवण कराया गया। इसी बीच महाराजश्री द्वारा एवं अनेकानेक श्री हरि नाम संकीर्तन की धारा प्रवाहित किया गया। कथा आयोजक ने अधिक से अधिक संख्या में पाण्डाल में कथाश्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।
