सरकार के तीसरे बजट में भी संविदा/ मनरेगा कर्मचारियों के लिए कुछ भी नहीं -मनरेगाकर्मी हुए निराश
4 हजार करोड़ का बजट किन्तु 20 साल से सेवा दे रहे कर्मचारियों के लिए क्या?
चुनाव के पहले वीडियो जारी कर किया था वादा, कैसे हो सुशासन पे विश्वास ?
सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी।
रायपुर _ २५ फरवरी 2026_ मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने पेश किया। उक्त बजट में संविदा कर्मचारियों के लिए के लिए कुछ भी नहीं किया गया है जिसके चलते प्रदेशभर के मनरेगाकर्मी बजट को निराशाजनक बता रहे हैं। हालांकि सरकार में आने के पहले वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने वीडियो जारी कर संविदा कर्मचारियों के स्थायीकरण/ नियमितिकरण का मार्ग भारतीय जनता पार्टी की ही सरकार द्वारा किये जाने का वादा किया थाl

किन्तु वर्षों से नियमितीकरण का आस लगाने वाले मनरेगाकर्मीयों को पिछले 3 साल से वेतन वृद्धि भी नहीं मिला है। अल्प वेतन/मानदेय में मनरेगा के अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, SIR एवं शासन के अन्य कार्य इनसे लिए जा रहे हैं, लेकिन उसके बावजूद सुरक्षित भविष्य के लिए कोई मानव संसाधन नीति भी सरकार लागू नहीं कर पाई है, जिसके लिए ये कर्मचारी लंबे समय से संघर्षरत हैं।
मनरेगा महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय क्षत्री ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी शासित मध्यप्रदेश, राजस्थान एवं बिहार जैसे विभिन्न राज्यों में मनरेगा कर्मियों के सेवा, सामाजिक सुरक्षा एवं वेतन भुगतान संबंधी एक अच्छी मानव संसाधन नीति लागू है। वहीं छत्तीसगढ़ राज्य में भारतीय जनता पार्टी की ‘‘डबल ईंजन की सरकार‘‘ होने के उपरांत भी ये मनरेगा कर्मी नियमितिकरण सहित अपनी सेवा, सामाजिक सुरक्षा एवं वेतन संबंधी सुविधाओं से वंचित है। वर्तमान में मनरेगा सहित प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन एवं पंचायत स्तर के शासन के अन्य कार्य मनरेगा कर्मियों से नियम नहीं होने के बाद भी कराये जाते हैं।
वी बी – जी राम जी के लिए 4000 करोड़ की बजट की घोषणा किन्तु कर्मचारियों की 3 साल से वेतन वृद्धि नहीं
अपने बजट में वित्त मंत्री ने वी बी – जी राम जी योजना के लिए 4000 हजार करोड़ के प्रावधान का अनुमानित बजट पेश किया किन्तु जिन कर्मचारियों के कंधे पर इस योजना को धरातल पर अमली जामा पहनाने की ज़िम्मेदारी है, उन कर्मचारियों के लिए कुछ भी नहीं किया गया है। मनरेगा कर्मचारियों ने बताया कि विगत 3 साल से वेतन वृद्धि नहीं होने के कारण इस बजट में वेतन वृद्धि होगा सोचे थे। *आंदोलन की बन रही की रणनीति* छत्तीसगढ़ राज्य में कांग्रेस पार्टी की तत्कालीन सरकार के विरूद्ध छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ के द्वारा 04 अप्रैल, 2022 से 14 जून, 2022 तक 72 दिवस का ऐतिहासिक सफल हड़ताल किया गया था। हड़ताल के दौरान मां दंतेश्वरी के मंदिर प्रांगण, जिला दण्तेवाड़ा से बुढ़ा तालाब धरना स्थल, राजधानी रायपुर तक लगभग 400 किलोमीटर का पद यात्रा/ दांडी यात्रा छत्तीसगढ़ के इतिहास मे किसी कर्मचारी संघ के द्वारा किया गया। उक्त हड़ताल का समर्थन समस्त कर्मचारी जगत व विभिन्न सामाजिक संगठनो ने किया, जिसने कांग्रेस सरकार व पार्टी की हार मे ताबूत मे सबसे पहली कील व नीव का काम कियाl ऐसे ही परिस्थिति वर्तमान सरकार में भी बनते दिख रही है l
वर्तमान बजट से कर्मचारी वर्ग क्यो है नाखुश
वर्ष 2023 के बाद से 3 साल में वेतन वृद्धि नहीं होने, स्थायीकरण/ नियमितिकरण के संदर्भ में कोई सकारात्मक पहल/निर्णय नहीं आने, लगातार संविदा/ अनियमित कर्मचारियों की छंटनी होने, सेवा व सामाजिक सुरक्षा नहीं होने, सुप्रीम कोर्ट व मध्य प्रदेश की तर्ज पर समान काम समान वेतन लागू नहीं किये जाने के कारण संविदा/अनियमित कर्मी शासन के सबसे बड़े कर्मचारी वर्ग वर्तमान बजट, वित्त मंत्री व सुशासन की सरकार से नाखुश है l
