गांधी की आड़ लेकर रामजी के विरोध में उतरी कांग्रेस: जगन्नाथ पणिग्रही

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गांधी की आड़ लेकर रामजी के विरोध में उतरी कांग्रेस: जगन्नाथ पणिग्रही
वीबी जी रामजी योजना: लाभार्थियों तक पहुंचेंगे भाजपा कार्यकर्ता
तुमड़ीबोड़ में वीबी जी रामजी कार्यशाला आयोजित
राजनांदगांव। मोदी सरकार की विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) योजना को ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए भाजपा की जिला स्तरीय कार्यशाला शुक्रवार को तुमड़ीबोड में आयोजित हुई। इस एकदिवसीय कार्यशाला में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और योजना के प्रचार-प्रसार के लिए गठित टोलियों के सदस्य शामिल हुए। बैठक के दौरान योजना को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने के लिए मंडल स्तर पर कार्यशालाएं और ग्रामीण स्तर पर चौपाल आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की गई।

कार्यकर्ताओं को यह बताया गया कि योजना की जानकारी लाभार्थियों तक कैसे पहुंचाई जाए और किस स्तर पर संपर्क अभियान चलाया जाए। इसमें बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाकर 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में यह योजना अहम भूमिका निभाएगी। कार्यशाला को संबोधित करते हुए संभाग प्रभारी और प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष जगन्नाथ पणिग्रही जी कहा कि नया ग्रामीण रोजगार मिशन मनरेगा का विकसित रूप है, जो ग्रामीण भारत में रोजगार और आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) कानून 2025 के तहत लाया गया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस जो आज मनरेगा-मनरेगा का शोर मचा रही है, उसने कभी जनता को यह नहीं बताया कि 2009 से पहले इस योजना में महात्मा गांधी का नाम तक नहीं था। सच यह है कि कांग्रेस बापू के नाम की आड़ लेकर ग्रामीण विकास की योजना का विरोध कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पहला मौका नही है, कांग्रेस हमेशा से गांधी जी के नाम का दुरुपयोग करती आयी है। जबकि विकसित भारत-जी राम जी बिल विकसित भारत के लिए, विकसित गांव का बिल है। यह बिल महात्मा गांधी जी के स्वावलंबी, स्वयं पूर्ण, गरीबी मुक्त और रोजगार युक्त गांव बनाने का बिल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को असल में दिक्कत ‘रामजी’ के नाम से है, क्योंकि कांग्रेस सदैव राम नाम के खिलाफ रही है। श्री पणिग्रही जी ने बताया कि वीबी जी राम जी योजना का पूरा नाम विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन है। केंद्र सरकार की अन्य योजना की तरह इस योजना को स्वमेव ‘राम जी’ का आशीर्वाद मिल रहा है। इस बात से विरोधी कांग्रेस बौखला गई है और दुष्प्रचार कर रही है। संभाग प्रभारी श्री पणिग्रही जी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि कांग्रेस के भ्रम फैलाने के इस प्रयास का मुंह तोड़ जवाब दे और योजना के लाभार्थियों तक योजना के लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाएं। ताकि ग्रामीणों के समक्ष गांव विरोधी कांग्रेस का चेहरा उजागर हो सके।

कार्यशाला को संयोजक दिनेश गांधी, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण रविन्द्र वैष्णव सहित अन्य वक्ताओं सम्बोधित किया। इस असवर पर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सचिन बघेल, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रामजी भारती,सहकारी बैंक उपाध्यक्ष भरत वर्मा, पूर्व विधायक विनोद खांडेकर, जिला भाजपा महामंत्री सौरभ कोठारी, डिकेश साहू, चंद्रिका डड़सेना, मूलचंद लोधी, रोहित चंद्राकर, प्रतिमा चंद्राकर, अंजू त्रिपाठी, संजय सिन्हा, अशोक देवांगन, सुरेश वर्मा, रामकुमार गुप्ता, प्रशांत कोडापे, गोपाल भुआर्य, किरण बारले, शिला सिन्हा, अनिता मंडावी, बिरम मंडावी, जागृति यदु, जैन कुमार मेश्राम, बोधन साहू, दादूराम सोनकर, विजेंद्र सिंह ठाकुर, रामकुमार गुप्ता, जागेश्वर यादव व जिला पदाधिकारी सत्य प्रकाश मिश्रा, बंटी लाल, मीडिया प्रभारी रघु शर्मा उपस्थित रहे।


गांव में बसती है भारत की आत्मा- कोमल सिंह राजपूत
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को बताया कि
मनरेगा की जगह वीबी जी राम जी योजना राष्ट्र के समग्र विकास के लिए लायी गयी है। भारत गांव का देश है भारत की आत्मा गांव में बसती है इसलिए गांवों का मजबूत होना जरूरी है। गांव की किसानों और श्रमिकों को मजबूत बनाने के लिए यह योजना लाई गई है। यह योजना विकसित भारत को सफल बनाने की दिशा में अहम प्रयास है, लेकिन कांग्रेस इसका विरोध कर भ्रम फैला रही है। राम जी के नाम का विरोध कर रही है। जबकि योजना का विस्तार हुआ है। 100 कि जगह 125 दिनों के रोजगार की गारंटी यह अधिनियम देता है।


राम का विरोध करना कांग्रेस का इतिहास- सांसद
कार्यशाला को संबोधित करते हुए सांसद संतोष पांडे जी ने कहा कि राम के नाम का विरोध करने के लिए कांग्रेस कोई भी सीमा लांघ सकती है। श्री पांडे ने कहा कि तुलसी दास जी जब जन्म लिए तो राम बोले, सभी माता पिता चाहते है कि उनका बच्चा राम जैसे बने। राम इस देश की जीवन पद्धति है। राम के नाम बिना इस देश की कल्पना नहीं हो सकती, लेकिन कांग्रेस कभी यह बात नहीं समझ सकती। कांग्रेस ने हमेशा राम की खिलाफत की है। विधि मंत्री रहते हुए कपिल सिब्बल ने राम मंदिर का विरोध किया। यूपीए की सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए कांग्रेस ने रामसेतु का विरोध किया। अब वही कांग्रेसी वीबी जी रामजी बिल का विरोध करने उतरे हैं।

कांग्रेस पार्टी केंद्र की मोदी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रावधानों का विरोध नहीं कर पा रही है, क्योंकि कांग्रेस जानती है कि यह बहुत ही उपयोगी है, इस योजना से ग्रामीण उत्थान का मार्ग प्रसस्थ होगा। इस योजना से मनरेगा में होने वाला भ्रष्टाचार बन्द हो जाएगा। इस तरह की तमाम खुबियों की वजह कांग्रेस इस बिल का विरोध नही कर पा रही है। इस वजह से कांग्रेस महात्मा गांधी के नाम की आड़ में रामजी का विरोध कर रही है।–

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