“शिक्षक का जीवन समाज का दीपक होता है”— ग्राम तुर्रेगढ़ में प्रधानपाठक श्री मियन लाल मार्शल की विदाई पर उमड़े भाव, सम्मान का ऐतिहासिक क्षण
छुरिया:-ग्राम तुर्रेगढ़ में “श्री मियन लाल मार्शल”, की शिक्षक बिदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जो वर्षों से शिक्षा, अनुशासन और संस्कार का उज्ज्वल प्रतीक बनकर विद्यार्थियों के जीवन को रोशन करते रहे।
उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित विदाई एवं सम्मान समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के प्रेम, कृतज्ञता और सम्मान का जीवंत प्रतिबिंब बन गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण रविन्द्र वैष्णव उपस्थित रहीं जो समारोह की गरिमा को कई गुना बढ़ाते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण रविन्द्र वैष्णव ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होकर श्री मार्शल के कार्यों की सराहना की।उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि “एक शिक्षक केवल किताबें नहीं पढ़ाता, वह जीवन पढ़ाता है। श्री मार्शल ने अपने जीवन में अनेक भविष्य गढ़े हैं। शिक्षा जगत में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों का मार्ग रोशन करेगा।”उनके ये शब्द पूरे सभागार में गहरे प्रभाव की तरह उतरते गए। साथ ही इस अवसर पर अनेक सम्मानित जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे, जिन्होंने श्री मार्शल को अपना प्रणाम व शुभकामनाएँ अर्पित कीं।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सभापति गोपाल भुआर्य, भाजपा मंडल अध्यक्ष हिरदेराम देवांगन, जनपद पंचायत सदस्य हरिला चंद्रवंशी विशेष रूप से उपस्थित रहे और सभी ने एक सुर में कहा कि श्री मार्शल का सेवाभाव क्षेत्र के लिए अमूल्य है।
इसके साथ ही अनेक विशिष्ट नागरिकों ने कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की, जिनमें शामिल रहे—श्रीमती विमला सिन्हा (समाजसेवी), दीपक कलामे (सरपंच), हिरसिंह भुआर्य, धर्मराज भुआर्य, कुंदन साहू, प्रताप गावड़े, प्रहलाददास साहू (ABO छुरिया), श्रीराम भुआर्य (संकुल प्राचार्य), माधोलाल रावटे (संकुल प्राचार्य), भागीरथी नारंग (सरपंच)साथ ही छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण एवं बड़े पैमाने पर ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान श्री मार्शल को शाल-श्रीफल, स्मृति-चिह्न, पुष्पगुच्छ और सम्मान-पत्र भेंट किए गए।
उनके सेवाकाल की उपलब्धियाँ, प्रेरणादायी कार्य और विद्यार्थियों पर पड़े सकारात्मक प्रभाव को विस्तार से बताया गया। श्री मार्शल ने भावुक स्वर में कहा—
“मेरे लिए पुरस्कार नहीं, आपके दिलों का सम्मान ही सबसे बड़ा सम्मान है। विद्यार्थियों की मुस्कुराहट ही मेरी वर्षों की साधना है।”उनके यह शब्द सुनकर पूरा माहौल भावनाओं से भर गया। ग्राम तुर्रेगढ़ ने एक सुर में कहा“आप हमारे दिलों में सदैव शिक्षक बनकर रहेंगे”श्री मियन लाल मार्शल का योगदान अमिट है—ऐसे शिक्षक विरले होते हैं। उनका स्थान हमारे दिलों में सदैव सुरक्षित रहेगा।
सीएन आई न्यूज से विजय निषाद की रिपोर्ट
